बडवानी जिले के 65 गांव और कृषि भूमि विकास की भेंट चढ़ गया

सरदार सरोवर परियोजना से बडवानी जिले के 65 गांव के मकान और कृषि भूमि भो डूब से प्रभावित हुई है जिनका आज तक संपूर्ण पुनर्वास नहीं हुआ है। पिछोड़ी में 16 और अवल्दा 14 दिन से लगातार क्रमिक अनशन जारी बिना पुनर्वास डूब मंजूर नहीं | बड़वानी जिले की हजारों हेक्टेयर जमीन टापू बनी , बिना अधिग्रहण की 19 हेक्टेयर कृषि भूमि भी डूबी | 
पिछोडी में धरना स्थल पर पानी पहुँचने के बाद भी विस्थापित डटे हुए है बिना पुनर्वास डूब मंजूद नहीं | आज भी पिछोड़ी गांव के विस्थापितों को बसाने के लिए पर्याप्त भूखंड नहीं है इसलिए पिछोड़ी के डूब प्रभावितों को 07 अलग अलग जगह भूखंड आबंटित किये गये है | इन विस्थापितों के लिए शासन को तत्काल पुनर्वास स्थल के लिए जमीन अधिग्रहण कर पुनर्वास स्थल तैयार कर इन गांव वालों को बसाया जाए |

बड़वानी जिले में हजारों हेक्टेयर जमीन टापू बन रही है जैसे एकलरा, राजघाट, भीलखेड़ा, कसरावद, कुंडीया जांगरवा, खेडी, पिपलुद, आंवली, सेंगाव इत्यादि गांवो की कृषि भूमि टापू बन चुकी है जो खेती करना नाव पर ही आधारित है | जो खेती करना संभव नही है |
बडवानी जिले में 29 जगह पुल – पुलिया का निर्माण करना बाकि है उसकी पहले डूब लाना गैर कानूनी है पहले किसानो को रास्ता बनाकर दिया जाना चाहिए फिर पानी भरना चाहिए | यह कामों में पिछले साल डूब के समय प्रस्ताव बनाकर भेजे गये है लेकिन आज तक इस पर कोई भी कार्य आगे नहीं बढ़ा है जो डूब लाई जा रही है वह गैर कानूनी है |
पिछले साल राजस्व विभाग के सर्वे में बिना अधिग्रहण की 19 हेक्टेयर कृषि भूमि डूब में जा रही है जिनको आज तक कोई भी पुनर्वास का लाभ नहीं दिया गया आज फिर डूब आ गई |

 

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